Low voltage होने के टॉप 5 वजह और उनके समाधान

शहर हो या गाँव, घर की बिजली में low voltage रहने की समस्या लगभग सभी customers को आती है। कम वोल्टेज होने के बहुत सारे वजह हो सकते हैं। बहुत मामलों में ये समस्या electricity company के service की गुणवत्ता में कमी की वजह से आती है तो अधिकांश मामलों में ये problem स्वयं customers के लापरवाही के वजह से आते हैं। तो आज हम आपको घर में low voltage रहने के इन्हीं दोनों case के बारे में विस्तारपूर्वक बताने जा रहे हैं।
Low voltage problem solution in Hindi
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1) Electricity Company की लचर व्यवस्था

बहुत मामलों में देखा गया है कि किसी इलाके में इतने ज्यादा वोल्टेज होते हैं कि वहां पर इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरण बार-बार जलकर खराब हो जाया करते हैं, तो वहीँ बहुत सारे इलाकों में इतने voltage भी नहीं होते कि एक cfl या led bulb भी लगातार एक समान light में जलता रह सके।

यदि ये problem किसी ख़ास घर में आये तो ये उनके घर के wiring की खराबी हो सकती है, लेकिन यदि ये समस्या उस transformer area के लगभग सभी घरों में आये तो इसे बिजली कंपनी की लचर व्यवस्था की माना जा सकता है। हो सकता है कि उस एरिया के transformer पर जरूरत से ज्यादा consumers का connection लगाया गया हो या फिर ये भी हो सकता है कि कहीं किसी तरह के shorting की वजह से ये समस्या आ रही हो।


हालांकि, बिजली कंपनी अब खुद ही ऐसे समस्या समाप्त करने के लिए सभी जगहों पर मरम्मत का काम कर चला रही है। लेकिन suppose यदि आपको लगे कि आपके इलाके की समस्या बड़ी है और just repairing की जरूरत है तो आप अपने इलाके के कुछ consumers के साथ मिलकर अपने Power House या Electricity Office में इसके लिए application दे सकते हैं।

यदि संभव हो तो, इस आवेदन में आप अपनी समस्या को explain करके विस्तारपूर्वक जरूर लिखें। साथ ही यदि आपको अपने समस्या की वजह मालूम हो तो उसके बारे में भी विस्तार से जरूर बताएं, ताकि आपके आवेदन पर जल्द-से-जल्द काम शुरू करके आपके समस्या का निदान किया जा सके।

2) Consumers की लापरवाही

यदि आपके transformer area के सभी consumers के घरों में अच्छी voltage रहती हो लेकिन लगभग सिर्फ आपके ही घर में हमेशा low voltage रहता हो और सदैव उसमें उतार-चढ़ाव होते रहता हो तो बेशक ये समस्या आपके लापरवाही या आपके घर के वायरिंग में किसी तरह के कमी की वजह से आ रही होगी। ऐसे ही कुछ संभावित कारणों के बारे में नीचे विस्तारपूर्वक बताया जा रहा है।

i) Electric Pole पर connection wire के बीच carbonn/air gap का बन जाना

अधिकांश मामलों में देखा गया है घर में कम वोल्टेज होने की समस्या इलेक्ट्रिक पोल पर से ही होती है लेकिन अनजाने में लोग अपने घर की वायरिंग और अर्थिंग को खोलकर check करने लगते हैं कि कहीं इसी से तो समस्या नहीं आ रही है। दरअसल, बरसात और धूल-कण की वजह से पोल पर हमारे मेन तार पर कार्बन बन जाता है जिस वजह से low voltage की समस्या आने लगती है।


इसलिए यदि आपके साथ भी ये समस्या आये तो सबसे पहले electric pole पर से अपने तार को उतार लें और फिर उसे छीलकर तब सबसे अंत में उसे पोल के तार पर चढ़ाएं।

Note:- आज के समय में अब बिजली कंपनी के तरफ से ही इलेक्ट्रिक पोल पर सभी लोगों के तार को fix कर दिया जाता है। यदि आपके pole पर भी तार को फिक्स कर दिया गया हो तो शायद इस वजह से आपको समस्या न आ रही हो।

ii) Weak Earthing की वजह से

बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो अपने बिजली कनेक्शन के लिए सही से अर्थिंग नहीं लगवाते हैं और जल्दबाजी में किसी भी तरह से कमजोर अर्थिंग लगाकर अपना काम निबटा लेते हैं। साथ ही बहुत सारे लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने घर के piller में ही earthing का connection कर देते हैं। यदि आपके घर में भी low voltage की समस्या आती हो तो उसका एक सबसे बड़ा reason ये भी हो सकता है।

यदि आपने धरती में ही अर्थिंग लगाया है लेकिन सही से नहीं लगाया है तो मैं आपको recommend करूँगा कि सबसे पहले एक मजबूत और टिकाऊ अर्थिंग लगायें। भले ही इसमें आपका कुछ time और money खपत हो, लेकिन ये आपके बिजली कनेक्शन के future के लिए best रहेगा और आप बेफिक्र होकर बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे।


लेकिन यदि आपने अपने घर के पिलर में अर्थिंग लगाया हुआ है तो मेरी यही सलाह है कि आप इसे पिलर से हटाकर ऊपर बताये गए तरीके से धरती से ही इसका connection करें। Because, यदि आप piller में अपना अर्थिंग लगाते हैं तो इससे न सिर्फ आपके घर में कम voltage की समस्या आती है बल्कि आपके घर में करंट के झटके आने की समस्या भी हो सकती है।

iii) ज्यादा उपकरण के इस्तेमाल की वजह से

किसी भी घर की वायरिंग सामान्य तौर पर बल्ब और पंखे जैसे ही बिजली की कम खपत करने वाले उपकरण को ध्यान में रखकर किया जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ-साथ लोग progress करते जाते हैं और अपने घर में ज्यादा power की खपत करने वाले उपकरण लगाते जाते हैं।

लेकिन आपके घर की wiring चूंकि आपके छोटे जरूरतों को ध्यान में रखकर किया हुआ होता है इसलिए जैसे-जैसे आप इस पर ज्यादा उपकरणों का load बढ़ाते जाते हैं वैसे-वैसे आपके घर की वायरिंग पर दबाव बढ़ता जाता है जिस वजह से आपके घर के voltage कम हो जाते हैं। इसलिए जब भी आप ज्यादा power की खपत करने वाले किसी new device को खरीदें तो उसके लिए अलग से वायरिंग करवा लें या फिर पुराने wiring में जरूरत के अनुसार changing जरूर करवा लें।

iv) Wire Quality में कमी की वजह से

बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो महंगे material लगाकर अपने घर की वायरिंग तो करवा लेते हैं लेकिन तार के मामले में थोडा पिछड़ जाते हैं।

ऐसे लोग जानते हुए भी गलत तार खरीद लेते हैं जो आगे चलकर उनके लिए परेशानी की वजह बन जाती है। आगे आप तार से सम्बंधित ही कुछ important बातें जान सकते हैं जिस वजह से घर में low voltage की समस्या को face करना पड़ता है।


a) Copper के बजाये Aluminium की तार से घर की वायरिंग करना

हालांकि अधिकांशतः इस वजह से low voltage की समस्या नहीं ही आती है लेकिन कुछ मामलों में ऐसा हो भी जाता है। यदि आप एल्युमीनियम के तार से अपने घर की वायरिंग करवाते हैं और wiring किया हुआ कुछ साल बीत जाए तो carbon और air gap की वजह से आपको कम वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यदि आप पहली बार में ही तांबा के तार से अपने घर की वायरिंग करवाते हैं तो ये आपके लिए सबसे best रहेगा और भविष्य में आपको शायद ही कभी परेशानी का सामना करना पड़े।

b) पतले तार से wiring करवाना

जिस समय लोग वायरिंग कराते हैं उस time उनकी जरूरत कम होती है और वो पतले तार से भी वायरिंग करा लेते हैं। लेकिन आगे जाकर जब उनकी जरूरत बढ़ती जाती है तब भी वो पुराने wiring पर ही सभी उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में वायरिंग में इस्तेमाल किये गए तार पर दबाव बढ़ता है जिस वजह से घर में लो वोल्टेज की समस्या आने लगती है। इतना ही नहीं, यदि जल्द-से-जल्द इसका solution न किया जाये तो short-circuit की वजह से घर में आग लगने की भी संभावना बढ़ जाती है।


इसलिए हमारी personal advise यही है कि पतले wire से वायरिंग करना गलत नहीं है, लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप जिस वायर का इस्तेमाल कर रहे हैं वो उससे जरूरत से ज्यादा पतला न हो। साथ ही, यदि future में कभी आप ज्यादा उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं तो अपने उस उपकरण के खपत को देखते हुए अपने wiring में जरूरी updation जरूर कर लें।

c) तार में हद से ज्यादा insulator tape का इस्तेमाल करना

वायरिंग में इस्तेमाल किये गए तार कॉपर के हों या एल्युमीनियम के, कोशिश करें कि इनमें ज्यादा कटिंग न किया जाये। जाहिर-सी बात है कि जिस point पर तार को काटा जाता है वहां पर दूसरा तार जोड़ा भी जाता है। लेकिन यहाँ समस्या ये है कि यदि दोनों तार को मजबूती से गाँठ न बनाया जाए तो उस point पर sparking की problem आने लगती है और वहां कार्बन बन जाता है जिस वजह से घर में कम voltage आने लगता है।

इतना ही नहीं, बहुत मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि तार में सही से गाँठ लगा दिया जाता है लेकिन फिर भी कुछ साल बाद वो गाँठ कमजोर हो जाता है और वहां स्पार्किंग होने लगता है। चूंकि वायरिंग बार-बार नहीं किया जाता है, इसलिए मैं आपको recommend करूँगा कि बेवजह तार में काट-छांट करके टेप का इस्तेमाल न करें। जहाँ पर बहुत ज्यादा जरूरत हो वहीँ पर ऐसा करें।

यदि वायरिंग करते समय कभी एक bundle का तार ख़त्म हो जाए तो वहां पर दूसरे बंडल का तार जोड़ने के लिए tape का इस्तेमाल करना गलत नहीं होता है लेकिन यहाँ भी इस बात का पूरा ध्यान रखें कि उन दोनों तार में गाँठ मजबूती से दिया गया हो और साथ ही वहां पर टेप भी मजबूती से लपेटा गया हो।


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