Electric iron क्या है और ये कितने तरह का होता है?

Cloth Iron (कपडा आयरन) के बारे में तो आपलोग जानते ही होंगे और इसके खूबियों से तो आप परिचित ही होंगे। नहीं, तो भी घबराने की कोई बात नहीं है। इसके बारे में आज हम आपको एक-एकं करके सारी जानकारी देंगे। इस पोस्ट में आज हम आपको बताएँगे कि आयरन क्या है इसका काम क्या है? साथ ही आज हम ये भी बताएँगे कि आयरन कितने प्रकार का होता है और कौन-सा आयरन इस्तेमाल करने के लिए सही होता है?

electric iron working principle
Pixabay

Cloth Iron क्या है और हमें इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?

मनुष्य को जीने के लिए मुख्य रूप से 3 चीजों की जरूरत पड़ती है, रोटी, कपड़ा और मकान की। कुछ समय रोटी और मकान न भी मिले तो इनके बिना भी जीवन गुजारा जा सकता है लेकिन बिना कपडे के एक पल भी गुजरना संभव नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि कपड़े सिर्फ हमारे शरीर को ढंकते ही नहीं हैं बल्कि इसी के बदौलत ही समाज में हमारे इज्जत और प्रतिष्ठा बने रहते हैं। कुछ समय के लिए फटे-पुराने कपड़े भी पहना जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि कुछ समय बिना कपड़ों के ही गुजारना पड़े।

सभी लोग अपने budget (बजट) और पसंद के अनुसार रंग-बिरंग के कपडे खरीदते हैं लेकिन ऐसे लोग बहुत ही कम होते हैं जो इन्हें ज्यादा समय तक सुरक्षित रख पाते होंगे। जैसी कि सच्चाई है, गुजरते समय के साथ सभी चीजों में परिवर्तन आता है और अच्छे-से-अच्छे चीज भी अपने अस्तित्व खोने लगते हैं और ठीक ऐसा ही हमारे कपड़ों के साथ भी होता है।


बदलते समय के साथ-साथ हमारे कीमती-से-कीमती कपड़े भी पुराने होने लगते हैं और धीरे-धीरे कमजोर होते चले जाते हैं। बहुत सारे ऐसे कीड़े होते हैं जिनके वजह से हमारे कपडे समय से पहले ही फट जाते हैं और बेकार हो जाते हैं।

हमारे इसी समस्या को देखते हुए electrical world और Non-Electrical दोनों दुनिया में एक ख़ास उपकरण Press Iron को develop किया गया है। ये आयरन हमारे घरों के बिजली सप्लाई यानी कि 220 volt ac पर काम करता है। सीधे शब्दों में कहें तो, Iron का काम होता है कपड़ों की सेंकाई करना।

Press Iron किस तरह से काम करता है?

आयरन में एक connection wire लगा होता है जिसके प्लग को घर के इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगाया जाता है। इसके बाद जब आयरन को सप्लाई मिलने लगता है तब उसके अन्दर लगा हुआ coil गर्म होने लगता है। ज्यों-ज्यों क्वाईल गर्म होता जाता है, आयरन की निचली सतह भी गर्म होता जाता है। आयरन की निचली सतह बहुत ही समतल होता है जिसे handle पकड़कर कपडे पर चलाया जाता है। इसी प्रक्रिया को आयरन करना कहा जाता है।

आयरन करने से कपडे को क्या-क्या फायदा पहुँचता है?

आयरन करने से कपडे को निम्नलिखित फायदे पहुँचते हैं।

  1. आयरन करने से कपडे चमकदार और व्यवस्थित हो जाते हैं।
  2. आयरन करने से कपडे पर मौजूद सूक्ष्मजीव मर जाते हैं।
  3. Regular आयरन करने से कपडे पर कीड़े नहीं लगते हैं।
  4. आयरन किये गए कपडे को पहनने से हमारे शरीर को एक सुखद अहसास होता है और हमारा शरीर बहुत हद तक season friendly बन जाता है।
  5. बार-बार आयरन किये जाने वाले कपडे ज्यादा time तक सुरक्षित रह पाते हैं और उनकी उम्र ज्यादा हो जाती है।

कपड़ा आयरन कितने तरह के होते हैं?

Market में कुछ सौ रूपये से लेकर हजारों रूपये तक के आयरन विभिन्न रंग-रूप और विभिन्न आकर में देखने को मिल सकते हैं। लेकिन इस्तेमाल के आधार पर iron मुख्यतः 2 या 3 तरह के ही होते हैं।

1) Non-electric iron (नन-इलेक्ट्रिक आयरन)

ये iron बिजली पर नहीं बल्कि कोयले पर इस्तेमाल किये जाते हैं। इसका भीतरी भाग खोखला होता है जिसके अंदर कोयले को भरकर उसे जला दिया जाता है। फिर जब कोयला ताव पकड़ लेता है और आयरन का सतह गर्म हो जाता है तब इसे कपड़े पर चलाया जाता है। इस आयरन के ऊपरी भाग से एक पाईपनुमा जगह छेद किया होता है जिसके माध्यम से कोयले को जलने के लिए oxygen (ऑक्सीजन) मिलता है और अन्दर का धुंआ बाहर निकलता है।

electric iron connection diagram
Wikimedia

चूंकि ये आयरन कोयले पर काम करता है इसलिए इसका तापमान सिर्फ-और-सिर्फ कोयले से उत्पन्न ताव पर निर्भर करता है जिसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। यदि कभी कोयले में कम ताव हो तो कपडा सही से आयरन नहीं हो पाता है, वहीँ यदि ज्यादा ताव हो तो पलभर में ही कपडा जल भी सकता है। इसलिए कम अनुभवी लोगों के लिए इस iron का इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता है।


इस आयरन का इस्तेमाल वही लोग करते हैं जहाँ बिजली की ज्यादा समस्या होती है या फिर जिन्हें कपडे को प्रेस करने का पूरा अभ्यास हो। आमतौर पर किसी पेशेगत धोबी को इस आयरन का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है क्योंकि बिजली के अनुपस्थिति में भी उनका काम हमेशा चलता ही रहता है।

2) Electric iron (इलेक्ट्रिक आयरन)

ये आयरन बिजली पर काम करता है और इसका ताव पूरी तरह से बिजली के voltage पर ही निर्भर करता है। बिजली में जितना ज्यादा voltage होगा, ये उतना ही ज्यादा गर्म होगा। लेकिन ध्यान रहे कि इलेक्ट्रिक आयरन को 200 या 220 volt से ज्यादा सप्लाई नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि इससे ज्यादा voltage रहने पर एक तो आयरन के coil जलने की संभावना उत्पन्न हो जाती है और साथ ही कपडे के जलने की भी स्थिति बन जाती है।

Electric iron भी 2 तरह के होते हैं

i) Non-automatic या mannual इलेक्ट्रिक आयरन

जैसा कि हम बता चुके हैं कि हमारे घरों के voltage कभी भी एक समान नहीं रहते और हमेशा ही परिवर्तित होते रहते हैं, ठीक ऐसा ही कपड़े को प्रेस करते time भी होता है। जब हम कपडे को प्रेस कर रहे होते हैं और यदि उस दौरान घर की voltage कम हो जाये तब तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यदि इस दौरान वोल्टेज ज्यादा हो जाए तो कपडे के जलने की स्थिति भी बन सकती है।

ज्यादा voltage होने पर कपडे के जलने से बचने के लिए इस आयरन में एक on-off switch लगा होता है। प्रेस करते वक़्त जब भी कभी ये आयरन जरूरत से ज्यादा हीट प्रतीत होने लगता है तब ध्यान देकर हमें इसके स्विच को ऑफ करना पड़ता है और फिर जब इसका ताव कम हो जाता है तब फिर इन्हें ऑन भी करना पड़ता है। इसलिए ये बहुत ही रिस्की iron होते हैं और जरा सी mistake हुई नहीं कि हमारे कपड़े जल जाएंगे।


साथ ही ये आयरन बहुत ही सस्ते और भारी होते हैं। लोग समझते हैं कि ये भारी हैं तो कपड़े पर अच्छे से बैठेंगे और आयरन अच्छे से होगा, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है, कपड़े के आयरन होने की गुणवत्ता सिर्फ-और-सिर्फ उसके ताव पर ही निर्भर करती है। एक बात और ये कि जिन लोगों को जानकारी नहीं होती है वो लोग कम कीमत सोचकर इन्हीं को खरीद लेते हैं और फिर बाद में अपना नुकसान भी कर बैठते हैं। आमतौर पर मार्केट में इस iron की कीमत 300 रूपये से शुरू होती है। वैसे जिन जगह पर बिजली में कम वोल्टेज होते हैं वहां पर इसका इस्तेमाल करना गलत नहीं माना जायेगा।

ii) Automatic Iron (ऑटोमेटिक आयरन)

Automatic iron हमारे लिए बहुत ही अच्छा और सुरक्षित होता है। इस आयरन में एक automatic part लगा होता है और इस part में एक नॉब लगा हुआ होता है जो आयरन में ऊपर की तरफ निकला हुआ होता है। इस नॉब को घुमाकर आयरन के लिए अधिकतम ताप को सेट किया जाता है, अर्थात आयरन को ज्यादा-से-ज्यादा कितना गर्म होना है, इसे इस नोब से set कर सकते हैं।

electric iron circuit diagram
Pexels

इसके बाद जब हम iron कर रहे होते हैं तो कपडे के जरूरत के अनुसार आयरन के knob को घुमाकर adjust कर देते हैं और जब आयरन इस एडजस्ट किये हुए जितना hit हो जाता है तब इसका ऑटोमैटिक पार्ट सक्रिय हो जाता है और वो power supply को coil तक पहुँचने से रोक देता है। यानि कि ये लाइन को disconnect कर देता है जिससे कि क्वाइल तक सप्लाई पहुँच नहीं पाता है और वो हीट होना बंद हो जाता है।

ऐसा होने के बाद भी कपडे को आयरन में संचित ताप की मदद से आसानी से प्रेस किया जा सकता है। इसके बाद फिर जब iron में संचित हुआ ताप धीरे-धीरे करके कम होने लगता है तब automatic part निष्क्रिय हो जाता है, क्योंकि आयरन का आटोमेटिक पार्ट बिजली पर नहीं बल्कि आयरन के ताप पर काम करता है।


Automatic part के निष्क्रिय होते ही coil को supply मिलना चालू हो जाता है जिससे कि आयरन फिर से तय सीमा तक हीट हो जाता है और फिर उतना हीट होने के बाद बंद हो जाता है। ये प्रक्रिया हमेशा ही चलती रहती है जिससे कि हमारे कपड़े को उतने ही ताव मिल पाता है जितना हम पहले से तय किये होते हैं।

यदि हमारे द्वारा किया गया adjusting सही होता है तो हमारे कपड़े सही से प्रेस होते हैं एवं उनके जलने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। हालांकि यदि हम एक ही जगह पर ज्यादा देर तक आयरन को टिकाये रखेंगे तो इस स्थिति में भी कपड़े जल सकते हैं। आमतौर पर इस आयरन की कीमत 500 rs से शुरू हो जाती है।

Electronic Iron को काम करने के लिए कितने volt के power supply की जरूरत पड़ती है?

जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि किसी भी electic device या उपकरण को काम करने के लिए 220v ac की जरूरत पड़ती है, ठीक उसी तरह से आयरन के लिए भी इतने ही volt की जरूरत होती है। यदि आपके घर की बिजली में कम वोल्टेज हो तो आपका iron सही से काम नहीं करेगा और जरूरत के अनुसार हीट नहीं होगा।

अब यदि बात करें आयरन के इस्तेमाल से होने वाले बिजली की खपत के बारे में, तो इसे आप खुद ही आसानी से calculate कर सकते हैं। सबसे पहले तो आप अपने आयरन में चेक करें कि वो कितने watts का है। आयरन का watts आपको उसी पर लिखा हुआ मिल जायेगा, या फिर खरीदते वक्त जिस box में आपका आयरन packed था उसमें आपको wattage लिखा हुआ मिल जायेगा।

आमतौर पर एक ऑटोमेटिक आयरन 500 से 1000 वाट्स तक के होते हैं जबकि आपके घर में सबसे ज्यादा बिजली की खपत करने वाला उपकरण 'पंखा' भी सिर्फ 70 वाट्स तक ही होता है। तो अब आप खुद समझ सकते हैं कि एक आयरन, घर में इस्तेमाल होने वाले पंखे से भी कई गुना ज्यादा बिजली खर्च करता है।


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2 Comments;

superb article
Thanks for sharing this information